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दुर्ग में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का घेराव: 3000 शिक्षक भर्ती में स्पोर्ट्स टीचर का एक भी पद न होने पर अभ्यर्थियों का फूटा गुस्सा

दुर्ग (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में प्रदेश भर से एकत्रित हुए हजारों प्रशिक्षित व्यायाम शिक्षकों (Physical Education Teachers) ने छत्तीसगढ़ सरकार की नई शिक्षक भर्ती नीति के विरोध में मोर्चा खोल दिया है।

अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर सीधे प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से मुलाकात करने पहुंचे। अभ्यर्थियों का आरोप है कि राज्य सरकार द्वारा निकाली जा रही 3000 शिक्षकों की नई भर्ती में स्पोर्ट्स टीचर (व्यायाम शिक्षक) का एक भी पद शामिल नहीं किया गया है। इससे कई वर्षों से शासकीय सेवा की तैयारी कर रहे हजारों बी.पी.एड. (B.P.Ed.) और एम.पी.एड. (M.P.Ed.) प्रशिक्षित बेरोजगार युवाओं में भारी आक्रोश व्याप्त है।

⚽ “बिना कोच के मेडल कैसे आएगा?”, अभ्यर्थी रामेश्वरी ने उठाया बुनियादी खेल संरचना पर सवाल

प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी रामेश्वरी ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए बताया कि सरकार ने 3000 की भर्ती सूची से व्यायाम शिक्षक का पद पूरी तरह समाप्त कर दिया है।

उन्होंने कहा कि पहले 300 पदों के लिए विज्ञापन की बात कही गई, जिसे घटाकर 154 किया गया और जब अंतिम नोटिफिकेशन सामने आया, तो एक भी पद नहीं था। रामेश्वरी ने कहा, “राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) में प्राथमिक स्तर से ही शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य किया गया है और पाठ्यपुस्तकें भी उपलब्ध कराई गई हैं, किंतु पढ़ाने वाले व्यायाम शिक्षक ही गायब हैं। जब स्कूलों और कॉलेजों में स्पोर्ट्स ऑफिसर ही नहीं होंगे, तो बेसिक लेवल कैसे सुधरेगा? Common Wealth Games में ज्ञानेश्वरी यादव जैसी प्रतिभाएं बिना बुनियादी कोच के कैसे निकलेंगी?”

⌛ वर्ष 2019 के बाद से नहीं आई कोई नई वैकेंसी, 7 वर्षों से केवल आश्वासन मिलने का आरोप

अभ्यर्थियों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के लिए व्यायाम शिक्षकों के पदों पर अंतिम भर्ती वर्ष 2019 में (लगभग 700 पदों पर) आयोजित की गई थी।

तभी से लगभग 7 वर्षों से प्रदेश के युवा नई भर्ती प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। वर्ष 2023 से लगातार शासन-प्रशासन द्वारा जल्द भर्ती निकालने की बात कही जा रही है। मंत्री से मुलाकात के दौरान उन्हें वर्ष 2027 में प्रक्रिया शुरू करने का मौखिक भरोसा दिया गया, जिस पर अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि उन्हें अब किसी आश्वासन की नहीं, बल्कि आधिकारिक नोटिफिकेशन (Official Notification) की आवश्यकता है।

🏆 “हायर एजुकेशन ही नहीं, प्राइमरी लेवल पर भी अनिवार्य हो पद”, अभ्यर्थी धरेंद्र साहू की मांग

प्रतिनिधिमंडल में शामिल अभ्यर्थी धरेंद्र साहू ने बताया कि वर्तमान में केवल उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education) में ही नाममात्र के खेल पद दिए जा रहे हैं।

उन्होंने मांग की कि नई शिक्षा नीति के प्रावधानों के अनुरूप प्राथमिक (Primary) और माध्यमिक (Middle) स्तर के विद्यालयों में भी अनिवार्य रूप से व्यायाम शिक्षकों के नियमित पद स्वीकृत किए जाएं। उन्होंने कहा कि विगत 6 महीनों से अभ्यर्थी मंत्रालय और विभागीय कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, किंतु शासन स्तर पर ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा है।

🔥 मांगें पूरी न होने पर प्रदेशव्यापी उग्र जनआंदोलन करने की दी अंतिम चेतावनी

अपनी उपेक्षा से आक्रोशित स्पोर्ट्स टीचरों के प्रतिनिधिमंडल ने सरकार को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही 3000 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में संशोधन कर व्यायाम शिक्षकों के पदों को शामिल नहीं किया गया, तो वे संपूर्ण राज्य में उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

अभ्यर्थियों का कहना है कि वे अपने लोकतांत्रिक अधिकारों और प्रदेश की खेल प्रतिभाओं के भविष्य की रक्षा के लिए सड़क से लेकर प्रशासनिक पटल तक संघर्ष जारी रखेंगे।

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